रक्षा मंत्री का दावा, विदेशों में भी बड़ी है भारतीय मिसाइलों की मांग
जब इस देश में एनडीए की सरकार बनी थी उस समय नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया का नारा दिया था। भारत पिछले कई वर्षों से रक्षा के क्षेत्र में सुधार के प्रयास कर रहा है। इसके लिए वह विश्व का सबसे ज्यादा हथियार खरीदने वाला देश बन गया है। मगर भारत ने अब खुद अपने देश में ही स्वदेशी हथियारों के निर्माण और स्वदेशी मिसाइलों के निर्माण की क्षमता विकसित कर ली है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में कई स्वदेशी हथियार और स्वदेशी मिसाइल बनाई है। भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में कहां है भारत में बनाई गई स्वदेशी मिसाइलों को कई देश अपने रक्षा बेड़े में शामिल करना चाहते हैं जो भारत के लिए बहुत गर्व की बात है।
विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद भाषण देते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत घरेलू रक्षा उत्पादों के निर्माण में तेजी से काम कर रहा है और दुनिया भारत के इस क्षमता को अच्छी तरह जानती है। भारत के पास भारत में बने रक्षा उत्पादों को खरीदने के लिए भारतीय सशस्त्र बल के अलावा दुनिया भी एक बाजार के रूप में मौजूद है। आज भारत की क्षमता इतनी है कि वह एक युद्धपोत भी बना सकता है। दुनिया में भारत ने बने हुए उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है जो कि भारत के लिए बहुत गर्व की बात है। हमारे देश के पास पर्याप्त निर्यातक क्षमता मौजूद है। अभी तक हम रक्षक पदों को विदेशों से खरीद रहे थे मगर अब हम अपने यहां बने रक्षा उत्पादों को दुनिया भर में बेचेंगे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने के बाद से ही मेक इन इंडिया की घोषणा की थी। जिसका उद्देश्य था कि भारत को विश्व में एक ऐसी शक्ति के रूप में उभारा जाए जिससे भारत में बने सामान पूरे विश्व में पहुंचे।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



